जे. एस. मिल के आर्थिक विचार पर प्रभाव डालने वाले मुख्य घटक

जे. एस. मिल के आर्थिक विचार पर प्रभाव डालने वाले मुख्य घटक

मिल के आर्थिक विचार पर प्रभाव डालने वाले मुख्य घटक

मिल की विचारधारा पर जिन प्रमुख घटकों का प्रभाव पड़ा, उन घटकों को दो भागों में बाँटा जा सकता है :

A. पूर्ववर्ती विचारकों का प्रभाव –

मिल पर प्रमुख प्रभाव उसके पूर्ववर्ती विद्वानों का पड़ा जिसकी छाप उस पर देखी जा सकती है। मिल जिन विद्वानों से अधिक प्रभावित हुआ उनमें से प्रमुख नीचे दिये गये हैं :

  1. जेम्स मिल (James Mill) –

    मिल पर सबसे अधिक प्रभाव उसके पिता जेम्स मिल का पड़ा था। वह अपने समय का एक महान दार्शनिक, इतिहासकार और अर्थशास्त्री था। समय-समय पर जेम्स मिल अपने पुत्र का मार्ग दर्शन करता रहा। वह स्मिथ के सहज विकास का भी समर्थक था। इसलिए उसने अपने घर का ऐसा वातावरण बना डाला कि मिल स्वतः उन बातों को सीखता चला गया। पिता के पास अनेक विषयों पर चर्चा करने के लिए विद्वान आते रहते थे। इस चर्चा को वह बड़े ध्यान से सुनता था। यदा-कदा वह अनेक गूढ़ विषयों पर भी अपने पिता से वाद-विवाद करने लगा था। इस प्रकार, मिल बाल्यकाल में अपने पिता जेम्स मिल के विचारों से अत्यधिक प्रभावित हुआ था।

  2. रिकार्डों ( Ricardo) –

    जे.एस. मिल पर अपने पिता के बाद सबसे अधिक प्रभाव ‘रिकार्डोवाद’ का पड़ा था। रिकार्डो जेम्स मिल का घनिष्ठ मित्र था। वह प्रायः मिल के घर पर आया-जाया करता था। जेम्स मिल रिकार्डो के विचारों को बड़े आदर से ग्रहण करता रहा। स्वयं बालक जे. एस. मिल भी रिकार्डो के विचारों से प्रभावित था। रिकार्डो भ्रमण के समय जे.एस. मिल से वार्तालाप कर लेता था। यही नहीं, रिकार्डो ने मिल की शिक्षा-दीक्षा में भी रुचि दिखायी थी। उसने रिकार्डो और स्मिथ की पुस्तकों का भी अध्ययन किया और 14 वर्ष की उम्र में उसने अपने पिता को Elements of Political Economy के लिखने में सहायता की। इस प्रकार, वह बचपन में ही परम्परावादी विचारधारा में दीक्षित हो गया था।

  3. बैन्थम ( Bentham ) –

    हम प्रारम्भ में ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जे.एस. मिल पर दार्शनिक बैन्थम का गहरा प्रभाव पड़ा। बैन्थम उसके पिता का मित्र था जो प्रतिवर्ष उसके घर आकर अनेक विषयों पर शास्त्रार्थ करता था। मिल अपने जीवन के प्रारम्भिक वर्षों में बैन्थम के विचारों से इतना अधिक प्रभावित हो चुका था कि उसे कहना पड़ा – “मानवीय क्रियाएँ स्वहित से प्रेरित होती हैं। यही कारण है कि जे.एस. मिल की विचारधारा में उपयोगितावाद (Utilitarianism) की झलक दिखायी देती है। बैन्थम के प्रभाव के बारे में उसका कहना था कि मेरी प्रारम्भिक शिक्षा बैन्थम के विचारों का अध्ययन है।” उसका समाजवादी कार्यक्रम एवं उसकी सुधारवादी प्रवृत्तियों से स्पष्ट है कि उपयोगितावाद को सामाजिक समस्याओं पर लागू करवाना चाहता था।

  4. कॉमटे (Comte) –

    आगस्ट कॉमटे (Auguste Comte) के प्रत्यक्षवाद से भी मिल को प्रेरणा मिली थी। कॉमटे के ग्रन्थ Positive Philosophy के विषय में मिल का कहना था कि यह ग्रन्थ इस युग की एक महान देन है। इसी दर्शन से प्रभावित होकर मिल अर्थशास्त्र को समाजविज्ञान का एक अंग मानने लगा था। वह व्यक्तिवाद के प्रभाव से धीरे-धीरे दूर होता गया। यही कारण था कि बाद में वह मजदूर वर्ग के साथ सहानुभूति रखने लगा और अन्त में, अपने आपको समाजवादी कहलाने में गर्व का अनुभव करने लगा था।

  5. जे. बी. से (B. Say ) –

    प्रारम्भ में, हम यह कह चुके हैं कि जब मिल केवल 14 वर्ष की अवस्था का था तब वह भ्रमण के लिए फ्रांस चला गया। वहाँ वह एक वर्ष तक अपने पिता के मित्र जे.बी. से के घर रहा था। वहाँ रहते हुए उसने जे.बी.से के ‘बाजार के नियम’ (Law of Market) का अध्ययन किया। बाद में उसने इस नियम की व्याख्या भी की थी।

  6. दूमान्त (Dumont) –

    जे.एस. मिल पर दूमान्त के विचारों का भी प्रभाव दिखाई देता है। उसे दूमान्त के ग्रन्थ Traite de legislation में बैन्थम के उपयोगितावाद का सिद्धान्त पढ़ने को मिला, जिसमें स्पष्ट किया था कि उपयोगितावाद के आधार पर समाज का निर्माण किया जा सकता है। दूमान्त’ के इस ग्रन्थ ने मिल की जीवन-धारा को ही मोड़ दिया। इस सम्बन्ध में मिल लिखता है कि “इस ग्रन्थ का पाठ मेरे जीवन की एक महान् घटना है। इसमें मेरी चेतना को एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया है।

  7. श्रीमती टेलर ( Taylor) –

    श्रीमती टेलर ने भी मिल को प्रभावित किया था। यह महिला समाजवादी विचारधारा की थी। मिल ने अनेक स्थलों पर श्रीमती टेलर का आभार प्रकट किया श्रीमती टेलर ने उसके ग्रन्थ Liberty को लिखने में उसकी बहुत अधिक सहायता थी।

  8. कवि कोलरिज (Poet Coleridge)-

    कवि कोलरिज अपने समय का महान् दार्शनिक एवं सुप्रसिद्ध कवि था। उसने अपनी कविताओं में आर्थिक विचारों का भरपूर समावेश किया था। इसके अतिरिक्त, कवि कोलरिज ने अपने साहित्य में व्यक्तिगत सम्पत्ति के बारें में भी आपत्तियाँ उठायी थीं। जे.एस. मिल को उसकी कविताओं से अपार स्नेह था। उसने अपने अनेक ग्रन्थों में कवि कोलरिज के विचारों का उल्लेख किया है।

B. समाजवादी प्रभाव

मिल पर समाजवादी विचारों का भी प्रभाव पड़ा था। इसीलिए उसकी पुस्तक Principles of Political Economy

समाजवादी विचारों का प्रभाव देखने को मिलता है। निम्न प्रमुख घटकों का मिल पर समाजवादी प्रभाव पड़ा था।

  1. सेण्ट साइमन ( Simon) तथा सिसमण्डी (Sismondi) ने प्रतिष्ठित अर्थशास्त्र की त्रुटियों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। बचपन में जे. एस. मिल उनके विचारों को पढ़ चुका था और इन समाजवादियों की छाप उस पर पड़ चुकी थी।
  2. ऑगस्ट कॉमटे के प्रभाव के कारण मिल ने अर्थ-व्यवस्था की गतिशील धारणा को स्वीकार कर लिया था।
  3. 1848 की फ्रांसीसी क्रान्ति का प्रभाव मिल पर पड़ चुका था। उसने इस क्रान्ति के समर्थन में एक लेख भी लिखा।
  4. मिल अपने जीवन-काल में फ्रांस आता जाता रहा। उसके जीवन का अधिकांश भाग फ्रांस में व्यतीत हुआ था, यहाँ तक कि उसकी मृत्यु भी फ्रांस में ही हुई। फ्रांस उस समय समाजवादियों का केन्द्र-बिन्दु था। अतः यह स्वाभाविक ही है कि मिल भी उन विचारों को ग्रहण करता रहा।
  5. उसने बाल्यकाल में चार्टिस्ट (Chartists) व मजदूर संघों के संघर्षों को काफी नजदीक से देखा था; और उसकी इन संघों के प्रति सहानुभूति बढ़ती गयी।

अन्त में, हम यह कह सकते हैं कि मिल अपनी शैशवावस्था में समाजवादी विचारों से पोषित चुका था और विवाह के बाद उसकी पत्नी टेलर ने उसकी सुप्त भावनाओं को जगा दिया और जीवन अन्तिम दिनों में उसने प्रतिष्ठित शाखा से अपना सम्बन्ध विच्छेद कर लिया।

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